आओ योग करे
आओ योग करें,ध्यान करें,
आत्मा का कल्याण करे
तन हो प्रफुल्लित,
मन हो प्रफुल्लित
त्व स्व को खोकर,
परमात्म का ध्यान करें।
आओ योग करें........
आत्मा का हो संधान,
ऐसा महायोग करें।
ध्यान और ज्ञान से ,
ज्ञान और ध्यान से
शुरू कोई संगीत करें।
आओ योग करें ...............
सदगुरू आत्म,
सदगुरू ज्ञान के
शिष्यत्व को प्राप्त करें।
जिन शासन का सुरीला
संयम गीत बन
आत्म-अनहद नाद करें।
आओं योग करें .........
विलास विलसित परिवेश
में विलास जल से
आत्म अस्पर्शित करें।
वसुधैव कुटुम्बकम् अपनाकर
स्व को ओत-प्रोत करें ।
आओं योग करें ..............
सत्य,अहिंसा,जीयो और जीने दो अनेकान्त,अपरिग्रह को गाह्य करें।
आत्म-दृष्टि संपन्न, निष्काम प्रेम,
कृतज्ञता पूर्ण समाज का
निर्माण करें।
आओं योग करें ............
आनंद,शांति, ज्ञानयुक्त
व्यक्तित्व का निर्माण करें ।
राग-द्वैष मोह-माया
मुक्त ये संसार करें।
आओं योग करे........
शुद्ध आहार,शुद्ध शाकाहार
का प्रसार-प्रचार करें ।
रात्रि-भोजन का बहिष्कार,
हमेश हर बार करें
आओं योग करें .............
साधना के शिखरों से शिखरायमण करें
निज प्रभुता को छोडकर
आत्म का कल्याण करे
आओ योग करें............
आओं मिलकर नये
भारत का निर्माण करे।
भव भम्रणा से मुक्ति
पथ प्रयाण करें ।
आओं योग करें ...........
🙏🌹 *संगी*🌹🙏

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