चेहरे से पहले चरित्र संवारे.....
*|| श्री नाकोड़ाजी ||*
*😊चेहरे से पहले चरित्र संवारे*
*संगी*
♻ *जीवन परमात्मा से मिला आशिर्वाद है इसे शांति से जीना या अंशाति से ,अवसाद में जीना या आनंद में यह हम पर निर्भर है ।*
♻ *हमारा रंग कैसा है यह महत्वपूर्ण नहीहै।जीवन को कैसे जीना उस पर ध्यान दे।*
♻ *चेहरे को कितना ही चमका लो,दूसरे दिन वह पहले जैसा ही हो जाएगा पर मन को थोड़ा चमका लिया तो पूरी जिद॔गी चमक जाएँगी ।*
♻ *जीवन मैं परिस्थितियाँ सदैव एक सी नही रहती फिर भी जो परिस्थिति बिगडने पर मनोस्थिति बिगडने नही देता वह सदा खुश रहता है,याद रखे दूध फटने पर वे ही लोग दुखी होते है जिन्हें रसगुल्ला बनाना नहीं आता।*
♻ *आज कुंवारा भी दुखी है और शादीशुदा भी।शादीशुदा गुस्सेल पत्नी से और कुंवारा शादी न होने से दुखी है।*
♻ *परंतु जो हर स्थिति को परमात्मा के प्रसाद की तरह स्वीकार करता है,उसका जीवन स्वतः शानदार बन जाता है।*
♻ *चिंता, क्रोध और ईष्या जीवन के तीन शत्रु है ।चिंता दिल को,क्रोध दिमाग को,और ईष्या संबधों को नष्ट कर देती है।*
♻ *जब अनहोनी को किया नही जा सकता तो होनी को टाला नही जा सकता तो चिंता क्यों ।*
♻ *माफ करना और माफी माँगना ये दुनिया के दो सबसे बडे धर्म है जिस घर मे ये दो धर्म रहते है वहाँ कभी क्रोध का दावानल नही सुलगता।*
♻ *इसलिए कहा गया है चेहरे से पहले चरित्र संवारे....*
🙏🌹 *जिनाज्ञा विरूध्द कुछ भी लिखा हो तो मिच्छामी दुक्कडम*🌹🙏
🙏🌹 *संगीता बागरेचा*🌹🙏

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