दोस्ती
*|| श्री नाकोड़ाजी ||*
*🌹दोस्ती🌹*
सुदामा,कृष्ण में
श्रीराम, सुग्रीव में
नहीं किसी रिश्ते में
नहीं वो खुन में
नही परिवार में
नहीं छल में
नही स्वार्थ में
नहीं जलन में
है अपनेपन में
सूरज की किरणों में
चंदा की चाँदनी में
बरसात की बूँदों में
सागर की लहरों में
फूलों की खुशबू में
भँवरों की गुंजन में
कोयल की कूहू कूहू में
पपिहे की पियु पियु में
पायल की छम छम में
साँसो की सरगम में
ह्रदय की रूनझून में
मिठी मनुहार में
तिखी तकरार में
सुखो की झार में
दुःखों की मार में
शब्दों के हार में
प्रभु के प्रित में
*संगी* के गीत में
जीवन के श्रृंगार में
हर घडी,क्षण में
हर एक बात में
पल पल साथ में
प्यारे दोस्त तुम्ही हो..............
मेरी ये कविता friendship day (मैत्री दिवस)पर सभी कल्याणमित्रों को समर्पित है।
*मैत्री का संबध सदा*
*अंतर आलोकित दर्पण*
*दोस्ती एक आईना है ।जो झूठ नहीं बोलता है।आपको आपके व्यक्तित्व से दोस्त ही परिचित करवाता हैं ।आपको सही गलत की परख कर पतन से उत्थान की तरफ ले जाता हैं ।आपके जीवन के अनमोल पल आपको दोस्तों से मिलते है।*
*दोस्त आपके सुख-दुःख का साथी बनता है।जो न केवल आपको हिम्मत देता हैं वरन कठिन वक्त में आपके साथ खड़ा होता हैं ।जो आपको ज्यादा बेहतर जानता और समझता है।*
*सच्चे दोस्त कभी आसानी से नहीं मिलते। जीवन के हर एक मोड़ पर दोस्त तो बन जाते हैं लेकिन साथ निभाने वाले दोस्त ( कल्याण मित्र) किसी भी मोड़ पर छोड़ कर नही जाते है।*
*आस है विश्वास हैं ।*
*हर पल,क्षण साथ,*
*होने का एहसास हैं ।*
*
*बन सके तो सुई और धागा बनें*
*कैची बनने का कार्य ना करें.*
*सुई धागा जोड़ने का कार्य करता हैं और कैंची.............*
*कुछ रिश्ते होते है अनमोल*
*जिनका नहीं होता कोई मोल*
*उन्ही में से एक रिश्ता दोस्ती*
*जिसे पाने तरसती हैं हर हस्ती*
*ईश्वर का खुबसूरत उपहार हैं दोस्ती..........*
✒
*🙏🌹संगीता बागरेचा(संगी )🌹🙏*
*🌹दोस्ती🌹*
सुदामा,कृष्ण में
श्रीराम, सुग्रीव में
नहीं किसी रिश्ते में
नहीं वो खुन में
नही परिवार में
नहीं छल में
नही स्वार्थ में
नहीं जलन में
है अपनेपन में
सूरज की किरणों में
चंदा की चाँदनी में
बरसात की बूँदों में
सागर की लहरों में
फूलों की खुशबू में
भँवरों की गुंजन में
कोयल की कूहू कूहू में
पपिहे की पियु पियु में
पायल की छम छम में
साँसो की सरगम में
ह्रदय की रूनझून में
मिठी मनुहार में
तिखी तकरार में
सुखो की झार में
दुःखों की मार में
शब्दों के हार में
प्रभु के प्रित में
*संगी* के गीत में
जीवन के श्रृंगार में
हर घडी,क्षण में
हर एक बात में
पल पल साथ में
प्यारे दोस्त तुम्ही हो..............
मेरी ये कविता friendship day (मैत्री दिवस)पर सभी कल्याणमित्रों को समर्पित है।
*मैत्री का संबध सदा*
*अंतर आलोकित दर्पण*
*दोस्ती एक आईना है ।जो झूठ नहीं बोलता है।आपको आपके व्यक्तित्व से दोस्त ही परिचित करवाता हैं ।आपको सही गलत की परख कर पतन से उत्थान की तरफ ले जाता हैं ।आपके जीवन के अनमोल पल आपको दोस्तों से मिलते है।*
*दोस्त आपके सुख-दुःख का साथी बनता है।जो न केवल आपको हिम्मत देता हैं वरन कठिन वक्त में आपके साथ खड़ा होता हैं ।जो आपको ज्यादा बेहतर जानता और समझता है।*
*सच्चे दोस्त कभी आसानी से नहीं मिलते। जीवन के हर एक मोड़ पर दोस्त तो बन जाते हैं लेकिन साथ निभाने वाले दोस्त ( कल्याण मित्र) किसी भी मोड़ पर छोड़ कर नही जाते है।*
*आस है विश्वास हैं ।*
*हर पल,क्षण साथ,*
*होने का एहसास हैं ।*
*
*बन सके तो सुई और धागा बनें*
*कैची बनने का कार्य ना करें.*
*सुई धागा जोड़ने का कार्य करता हैं और कैंची.............*
*कुछ रिश्ते होते है अनमोल*
*जिनका नहीं होता कोई मोल*
*उन्ही में से एक रिश्ता दोस्ती*
*जिसे पाने तरसती हैं हर हस्ती*
*ईश्वर का खुबसूरत उपहार हैं दोस्ती..........*
✒
*🙏🌹संगीता बागरेचा(संगी )🌹🙏*
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