बधाई
बेटियाँ हमारा मान हैं ।
कुल गौरव की शान हैं ।
कन्यादान से बढ़ कर
नहीं कोई महादान हैं ।
शादी एक अटूट बंधन हैं ।
दो दिलों का मिलन हैं ।
खुशियाँ भरा *रिद्धि,फेनिल*
ये तो जन्मो का संबंध हैं ।
दो अजनबी जब,
नयी शुरूआत करते
*सौरभ* से *सुरभि* त हो,
नया आशिया बनाते।
मीठे मीठे सपने सजाते ,
*स्नेहल समीर* पुरवाई गाते
अपनों के आशिष से
नया घरौन्दा बसाते
जैसे जेसल-तोरल के
प्यार के फूल खिलें
वैसे ही *तोरल-अक्षय*
अमर प्रेम बन मिलें।
*भक्ति* को भक्ति से *जिगर* मिला हैं
खुशियों का लम्हा फूल बनकर खिला हैं ।
*नीशि* बन गयी हैं,
*मीत* के मन की मीत
शादी के बंधन में बंध
निभाएगी नयी रीत।
सब रस्मो से बड़ी हैं जग में
दिल से दिल की सगाई हैं
*हेनल,कपिल* के मिलन की
शुभा शुभ घड़ी आई हैं
*मोनिका* के जीवन में,सदा *स्मित* रहें
देख इनकी जोड़ी,देवता भी विस्मित रहें
*नीरव* के जीवन में, *ख्याति* का प्रवेश हुआ
प्यार के इस बंधन से,जीवन प्रफुल्लित हुआ।
*बिंदी* तुम्हारी बिंदिया
*वैभव* से चमकती रहें
जीवन पथ पर बिंदीवैभव की
गृहस्थी चमकती रहें ।
*लीम्पा* और *जितेन* सदा रहो साथ
प्रगति और सफलता रहे सदा आस पास
सुनो *विरल* विरलों को ही मिलती
खिलते फूलो की *सुरभि*
सम्हाले रखना बड़ी ही
विरल है ये सुरभि
प्रिय *कुणाल* की *प्रियंका* बन
जित लेना प्रियवर का मन
सुनो लोगो "वेदों ने भी कहां है
गृहलक्ष्मी होती हैं असली धन
शरद ऋतु में *सावन* आया
*रिद्धि* के मन को भाया
सावन रिद्धि ने मिलकर
नवजीवन मे प्रवेश पाया
*रश्मि राजेश* के स्नेह की
गुंजी शहनाई
ब्याह की शुभ होरा में मिलन रूत आई
सात रंग के सपने बुनकर
सात फेरों का ले साथ
*रचना* ने *रितेश* संग मिलकर
की अभिनव जीवन की शुरूआत
*श्री शांति जन जागृति ग्रुप* ने
सामूहिक विवाह करवा कर
जन जन में चेतना की अलख जगाई
संगी ने दी हैं आप सबको दिल से बधाई
*संगीता बागरेचा (संगी)*
कुल गौरव की शान हैं ।
कन्यादान से बढ़ कर
नहीं कोई महादान हैं ।
शादी एक अटूट बंधन हैं ।
दो दिलों का मिलन हैं ।
खुशियाँ भरा *रिद्धि,फेनिल*
ये तो जन्मो का संबंध हैं ।
दो अजनबी जब,
नयी शुरूआत करते
*सौरभ* से *सुरभि* त हो,
नया आशिया बनाते।
मीठे मीठे सपने सजाते ,
*स्नेहल समीर* पुरवाई गाते
अपनों के आशिष से
नया घरौन्दा बसाते
जैसे जेसल-तोरल के
प्यार के फूल खिलें
वैसे ही *तोरल-अक्षय*
अमर प्रेम बन मिलें।
*भक्ति* को भक्ति से *जिगर* मिला हैं
खुशियों का लम्हा फूल बनकर खिला हैं ।
*नीशि* बन गयी हैं,
*मीत* के मन की मीत
शादी के बंधन में बंध
निभाएगी नयी रीत।
सब रस्मो से बड़ी हैं जग में
दिल से दिल की सगाई हैं
*हेनल,कपिल* के मिलन की
शुभा शुभ घड़ी आई हैं
*मोनिका* के जीवन में,सदा *स्मित* रहें
देख इनकी जोड़ी,देवता भी विस्मित रहें
*नीरव* के जीवन में, *ख्याति* का प्रवेश हुआ
प्यार के इस बंधन से,जीवन प्रफुल्लित हुआ।
*बिंदी* तुम्हारी बिंदिया
*वैभव* से चमकती रहें
जीवन पथ पर बिंदीवैभव की
गृहस्थी चमकती रहें ।
*लीम्पा* और *जितेन* सदा रहो साथ
प्रगति और सफलता रहे सदा आस पास
सुनो *विरल* विरलों को ही मिलती
खिलते फूलो की *सुरभि*
सम्हाले रखना बड़ी ही
विरल है ये सुरभि
प्रिय *कुणाल* की *प्रियंका* बन
जित लेना प्रियवर का मन
सुनो लोगो "वेदों ने भी कहां है
गृहलक्ष्मी होती हैं असली धन
शरद ऋतु में *सावन* आया
*रिद्धि* के मन को भाया
सावन रिद्धि ने मिलकर
नवजीवन मे प्रवेश पाया
*रश्मि राजेश* के स्नेह की
गुंजी शहनाई
ब्याह की शुभ होरा में मिलन रूत आई
सात रंग के सपने बुनकर
सात फेरों का ले साथ
*रचना* ने *रितेश* संग मिलकर
की अभिनव जीवन की शुरूआत
*श्री शांति जन जागृति ग्रुप* ने
सामूहिक विवाह करवा कर
जन जन में चेतना की अलख जगाई
संगी ने दी हैं आप सबको दिल से बधाई
*संगीता बागरेचा (संगी)*
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