ढोल नगाडे .........
🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳 *ढोल नगाडे तासे बजते, बजते चंग चौबारे* *गली गली झंडे फहराते खुशीयों से नाचें सारे* *लौट गये अंग्रेज पर जाते जाते* *बंटवारे का खंजर भौक गये* *भाई हमारा हुआ पड़ोसी, रिसता है* *रिश्तों से खून, ऐसा नासूर छोड़ गये* *कर्म से तुमने उन्हें जातिवाद के* *नाम पर व्यवस्था का नाम दिया* *हिन्दू,मुस्लिम,सिक्ख,ईसाई* *फिर धर्म आरक्षण के नाम पर बाँट दिया* *बैठकर अपने मुल्क से भारत में* *गुलामी का नया चरखा चला दिया* *दंगे और आतंकवाद नहीं चले* *तो लव जेहाद में फांस लिया* *दसको तक लड़कर आजादी का* *छलकता खुशियों का जाम पिया* *इस आजादी को भुनानें मानसिक गुलामों* *ने माॅर्डन संस्कृति का नाम दिया* *भटके मानव महेरामण में लहराते हैं* *एक दिन का देश प्रेम जगाते है* *पर्व स्वतंत्रता दिवस का मनाते है* *फिर ढाक के तीन पात हो जाते है* *अब ना सुधरें तो कब सुधरोंगे* *आने वाली पीढ़ी को धरोहर में* *सभ्यता और संस्कृति के नाम पर* *कौनसी थाती,धरोहर दे जाओंगे* *समय बड़ा बलवान है* *किस बात का अभिमान हैं* *संगी* *कहे स...